UGC NET Cut Off: कट ऑफ मार्क्स में बड़ा बदलाव, जानिए जनरल, OBC, SC, ST के लिए नए पासिंग मार्क्स

यूजीसी नेट (UGC NET) भारत में एक प्रतिष्ठित परीक्षा है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने या जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) प्राप्त करने के लिए उम्मीदवारों की योग्यता को परखना है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, और उनकी सफलता का निर्धारण कट ऑफ मार्क्स के आधार पर किया जाता है।

यूजीसी नेट की कट ऑफ मार्क्स को श्रेणी (जैसे जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी) और विषय के अनुसार विभाजित किया जाता है। यह कट ऑफ उम्मीदवारों की योग्यता, परीक्षा के कठिनाई स्तर और अन्य कारकों पर निर्भर करती है। इस लेख में हम यूजीसी नेट कट ऑफ और पासिंग मार्क्स की पूरी जानकारी देंगे।

UGC NET कट ऑफ क्या है?

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यूजीसी नेट कट ऑफ वह न्यूनतम स्कोर है जो उम्मीदवार को परीक्षा में योग्य घोषित होने के लिए प्राप्त करना होता है। यह स्कोर अलग-अलग श्रेणियों और विषयों के लिए अलग-अलग होता है।

UGC NET कट ऑफ का महत्व:

  • योग्यता का निर्धारण: यह तय करता है कि कौन से उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर या JRF के लिए पात्र हैं।
  • प्रतिस्पर्धा का स्तर: यह परीक्षा में प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को दर्शाता है।
  • आरक्षण नीति: सरकारी आरक्षण नीतियों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग कट ऑफ निर्धारित होती हैं।

UGC NET कट ऑफ का ओवरव्यू

पैरामीटरविवरण
परीक्षा का नामयूजीसी नेट (UGC NET)
आयोजन संस्थानेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)
उद्देश्यअसिस्टेंट प्रोफेसर/ JRF पात्रता
कट ऑफ निर्धारण के कारकश्रेणी, विषय, परीक्षा कठिनाई स्तर
न्यूनतम पासिंग मार्क्सजनरल: 40%, ओबीसी/एससी/एसटी: 35%
कट ऑफ प्रकारश्रेणीवार और विषयवार

UGC NET न्यूनतम पासिंग मार्क्स

यूजीसी नेट के लिए न्यूनतम पासिंग मार्क्स सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग होते हैं। नीचे तालिका में इसे स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है:

श्रेणीन्यूनतम पासिंग मार्क्स (%)
जनरल40% (दोनों पेपर मिलाकर)
ओबीसी/ईडब्ल्यूएस35%
एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी35%

UGC NET कट ऑफ निर्धारण के कारक

यूजीसी नेट की कट ऑफ निम्नलिखित प्रमुख कारकों पर निर्भर करती है:

  1. उम्मीदवारों की संख्या: परीक्षा में शामिल होने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या जितनी अधिक होगी, प्रतिस्पर्धा भी उतनी ही अधिक होगी।
  2. परीक्षा का कठिनाई स्तर: कठिन प्रश्नपत्र होने पर कट ऑफ कम हो सकती है।
  3. पिछले वर्षों की कट ऑफ प्रवृत्ति: पिछले वर्षों की कट ऑफ को ध्यान में रखकर नई कट ऑफ निर्धारित होती है।
  4. आरक्षण नीति: सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों के लिए अलग-अलग कट ऑफ होती हैं।
  5. नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया: विभिन्न शिफ्ट्स में परीक्षा आयोजित होने पर नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू होती है।

श्रेणीवार और विषयवार UGC NET Cut Off

नीचे कुछ प्रमुख विषयों और श्रेणियों की यूजीसी नेट 2025 की अनुमानित कट ऑफ दी गई है:

विषयश्रेणीJRF Cut Offअसिस्टेंट प्रोफेसर Cut Off
हिंदीजनरल218196
ओबीसी210182
एससी200172
एसटी192162
इतिहासजनरल206184
ओबीसी196172
एससी188162
एसटी182154
राजनीति विज्ञानजनरल234210
ओबीसी226196
एससी212184
एसटी208180

UGC NET Result और Cut Off कैसे चेक करें?

यूजीसी नेट का रिजल्ट और कट ऑफ चेक करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स अपनाएं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाएं।
  2. “Subject-wise Cut Off Marks” लिंक पर क्लिक करें।
  3. पीडीएफ फाइल डाउनलोड करें और अपनी श्रेणी व विषय के अनुसार कट ऑफ देखें।

UGC NET JRF और असिस्टेंट प्रोफेसर में अंतर

  • JRF (Junior Research Fellowship): यह उन उम्मीदवारों को दिया जाता है जो शोध कार्य करना चाहते हैं। JRF प्राप्त करने वाले छात्रों को मासिक वजीफा मिलता है।
  • असिस्टेंट प्रोफेसर पात्रता: यह उन उम्मीदवारों के लिए होता है जो शिक्षण क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

पिछले वर्षों की यूजीसी नेट Cut Off ट्रेंड

पिछले वर्षों की तुलना से यह स्पष्ट होता है कि हर साल प्रतियोगिता बढ़ रही है। नीचे पिछले कुछ वर्षों की औसत कट ऑफ दी गई है:

वर्षजनरल (%)ओबीसी (%)एससी (%)एसटी (%)
202350454038
202452474240

निष्कर्ष

यूजीसी नेट भारत में शिक्षण और शोध क्षेत्र में करियर बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसकी कट ऑफ मार्क्स उम्मीदवारों की योग्यता को मापने का एक सटीक पैमाना हैं।

Disclaimer:

यह लेख यूजीसी नेट से संबंधित जानकारी प्रदान करता है। इसमें दी गई जानकारी वास्तविक तथ्यों पर आधारित है।

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