वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे टिकट पर छूट एक ऐसा मुद्दा है, जो लंबे समय से चर्चा में है। पहले, भारतीय रेलवे वरिष्ठ नागरिकों को टिकट पर 40% से 50% तक की छूट प्रदान करता था। लेकिन मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान यह सुविधा बंद कर दी गई। अब, जब स्थिति सामान्य हो चुकी है, तो यह सवाल उठता है कि क्या यह रियायत फिर से बहाल होगी? आइए इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट: समझें मुख्य बातें
भारतीय रेलवे ने 2004 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन टिकट पर रियायत शुरू की थी। इसका उद्देश्य बुजुर्ग यात्रियों को किफायती यात्रा की सुविधा देना था।
विवरण | जानकारी |
छूट की शुरुआत | 2004 |
छूट बंद होने की तारीख | मार्च 2020 |
महिला सीनियर सिटीजन छूट | 50% |
पुरुष सीनियर सिटीजन छूट | 40% |
योग्यता आयु (महिला) | 58 वर्ष |
योग्यता आयु (पुरुष) | 60 वर्ष |
वर्तमान स्थिति | कोई छूट उपलब्ध नहीं |
छूट बहाली की संभावना | बजट 2025-26 में विचाराधीन |
2019 तक कैसे मिलती थी छूट?
2019 तक भारतीय रेलवे मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों को छूट प्रदान करता था।
- महिलाओं को 50% और पुरुषों को 40% की रियायत मिलती थी।
- उदाहरण के तौर पर, अगर राजधानी एक्सप्रेस का फर्स्ट एसी टिकट ₹4000 का होता था, तो महिला यात्री को ₹2000 और पुरुष यात्री को ₹2400 में टिकट मिलता था।
- यह सुविधा बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत थी, खासकर उन लोगों के लिए जिनकी आय सीमित होती है।
कोविड-19 के कारण क्यों बंद हुई छूट?
मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान रेलवे ने यह सुविधा बंद कर दी। इसके पीछे मुख्य कारण थे:
- महामारी के कारण रेलवे को भारी वित्तीय घाटा हुआ।
- यात्रियों की संख्या में कमी आई, जिससे राजस्व प्रभावित हुआ।
- सरकार का तर्क था कि पहले से ही टिकट की कीमतें सब्सिडी वाली हैं और अतिरिक्त छूट देना संभव नहीं है।
हालांकि, अब जब स्थिति सामान्य हो चुकी है, तो वरिष्ठ नागरिक इस सुविधा को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
बजट 2025-26 से उम्मीदें
1 फरवरी 2025 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। हालांकि, इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी नई छूट की घोषणा नहीं की गई।
संभावनाएं:
- सरकार इस विषय पर विचार कर रही है।
- यदि यह सुविधा फिर से लागू होती है, तो लाखों बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
- वरिष्ठ नागरिक संगठनों ने लगातार इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे की अन्य सुविधाएं
रेलवे वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ अन्य सुविधाएं भी प्रदान करता है:
- सीनियर सिटीजन कोटा: बुजुर्ग यात्रियों के लिए सीट आरक्षित होती हैं।
- लोअर बर्थ प्राथमिकता: बुजुर्ग यात्रियों को निचली बर्थ दी जाती है।
- व्हीलचेयर सेवा: प्रमुख स्टेशनों पर व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाती है।
- यात्री मित्र सेवा: स्टेशन पर मदद के लिए विशेष सेवा उपलब्ध है।
क्या कहती हैं रिपोर्ट्स?
सकारात्मक पहलू:
- रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस विषय पर विचार कर रही है।
- अगर यह सुविधा बहाल होती है, तो यह बुजुर्ग यात्रियों के लिए बड़ी राहत होगी।
नकारात्मक पहलू:
- रेलवे मंत्री ने संसद में कहा कि वित्तीय दबाव के कारण सभी यात्रियों को रियायत देना संभव नहीं है।
- सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
वर्तमान स्थिति: क्या सचमुच मिलेगी छूट?
हाल ही में सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट बहाल कर दी है। लेकिन यह दावा पूरी तरह गलत निकला।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि:
- मार्च 2020 में बंद हुई रियायत अब तक बहाल नहीं हुई है।
- बजट 2025-26 में भी इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हुई।
निष्कर्ष: क्या उम्मीद करें?
वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन टिकट पर छूट एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हालांकि, वर्तमान स्थिति में इसे फिर से लागू करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स पर आधारित है। फिलहाल भारतीय रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन टिकट पर किसी नई छूट की घोषणा नहीं की गई है।