Railway RAC Ticket: ट्रेन में सीट मिलेगी या नहीं? ये हैं इसके 3 बड़े फायदे और 2 बड़े नुकसान

ट्रेन में RAC टिकट का मतलब है “Reservation Against Cancellation”। यह एक ऐसा टिकट होता है जो यात्रियों को ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति देता है, लेकिन इसमें कुछ विशेषताएँ होती हैं। जब किसी यात्री का टिकट कंफर्म नहीं होता और सभी सीटें बुक हो जाती हैं, तब उन्हें RAC टिकट दिया जाता है। इस स्थिति में, यात्री को केवल आधी सीट मिलती है, जिसका मतलब है कि उन्हें किसी अन्य यात्री के साथ साझा करना पड़ता है। अगर किसी यात्री का कंफर्म टिकट कैंसिल होता है, तो RAC वाले यात्री को पूरी सीट मिल सकती है।

RAC टिकट का महत्व

RAC टिकट का मुख्य उद्देश्य उन यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है जो अंतिम समय पर यात्रा करना चाहते हैं लेकिन सभी सीटें भरी हुई हैं। यह एक प्रकार का सुरक्षा जाल है जो यात्रियों को यात्रा करने का अवसर देता है।

RAC टिकट के फायदे

  • आसान यात्रा: RAC टिकट के माध्यम से यात्री को ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति मिलती है।
  • कंफर्मेशन की संभावना: यदि कोई कंफर्म टिकट कैंसिल होता है, तो RAC वाले यात्री को पूरी सीट मिल सकती है।
  • कम खर्च: RAC टिकट की कीमत कंफर्म टिकट से कम होती है, जिससे यात्रियों को आर्थिक लाभ होता है।

RAC टिकट के नुकसान

  • आधी सीट: यात्री को केवल आधी सीट मिलती है, जिससे आरामदायक यात्रा नहीं हो पाती।
  • सोने की समस्या: RAC स्थिति में यात्रियों को सोने के लिए पूरी बर्थ नहीं मिलती।
  • रिफंड की समस्या: यदि यात्रा के समय कोई बदलाव होता है, तो रिफंड प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

RAC टिकट का सारांश

विशेषताविवरण
पूर्ण नामReservation Against Cancellation
सीट की स्थितिआधी सीट (दो यात्रियों के लिए)
कंफर्मेशन की संभावनाहाँ, यदि कोई कंफर्म टिकट कैंसिल होता है
किरायाकंफर्म टिकट से कम
सोने की सुविधानहीं
रिफंड नीतियात्रा से आधा घंटा पहले कैंसिल पर रिफंड
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RAC टिकट भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों को दी जाने वाली एक महत्वपूर्ण सेवा है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होती है जो अंतिम समय पर यात्रा करने की योजना बनाते हैं।

RAC टिकट से जुड़े नियम

  1. कैंसिलेशन: यदि किसी यात्री का कंफर्म टिकट कैंसिल होता है, तो उसकी सीट RAC वाले यात्री को दे दी जाती है।
  2. आरामदायक यात्रा: RAC वाले यात्री को सोने के लिए पूरी बर्थ नहीं दी जाती।
  3. रिफंड प्रक्रिया: यदि आरएसी टिकट कैंसिल किया जाता है, तो इसे ट्रेन चलने से आधा घंटा पहले तक किया जा सकता है।
  4. बेड रोल किट: एसी कोच में RAC टिकट वाले यात्रियों को अब पूरी बेड रोल किट मिलेगी।
  5. वेटिंग लिस्ट: यदि कोई यात्री वेटिंग लिस्ट में होता है, तो उसे ट्रेन में सफर करने की अनुमति नहीं होती।
  6. आरएसी और वेटिंग लिस्ट का अंतर: RAC वाले यात्री को ट्रेन में बैठने की अनुमति होती है जबकि वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को नहीं।
  7. कन्फर्मेशन चार्ट: यदि रिजर्वेशन चार्ट बन चुका है, तो ऑनलाइन आरएसी टिकट पर रिफंड प्राप्त करने के लिए टीडीआर भरना आवश्यक होता है।
  8. परिवार के सदस्यों की बुकिंग: यदि परिवार के कुछ सदस्यों के पास कंफर्म और कुछ के पास आरएसी टिकट हैं, तो कंफर्म वाले पर फुल रिफंड दिया जा सकता है।

निष्कर्ष

RAC टिकट भारतीय रेलवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो यात्रियों को सुविधा प्रदान करता है। हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं, लेकिन यह एक सुरक्षित विकल्प प्रदान करता है जब सभी सीटें भरी हुई होती हैं।

Disclaimer:

RAC टिकट वास्तविकता में एक वैध विकल्प है और यह यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। हालांकि, इसकी सीमाएँ भी हैं जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।

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